रूहानी पाठ-3
HOME- http://gurmukhazad.blogspot.com/
अभाव का भी एक विलक्षण आनन्द है। वियोग मे भी एक अनुपम अनुभूति होती है।
संग आते, प्राप्त होते ही बहुमूल्य वस्तु भी मूल्यवान नही रह जाती।
अप्राप्त वस्तुओ,व्यक्तियो को प्राप्त करने की आशा भी मनुष्य को अनेक प्रकार से उत्साहित रखती है।
जो व्यक्ति जल्दी सफल हो जाते है। उनकी सफलता का अधिक मूल्य नही और उनकी आशा शक्ति समाप्त हो जाती है। असफल व्यक्ति फिर भी प्रयासरत रहता है।
इसलिए असफलताओ से घबराना नही चाहिए वरन् अपने मे और सुधार लाकर दुबारा प्रयत्न करते रहना चाहिए। ॐ
अगला रूहानी पाठ-4
http://sundervichar-lesson4.blogspot.com/
अभाव का भी एक विलक्षण आनन्द है। वियोग मे भी एक अनुपम अनुभूति होती है।
संग आते, प्राप्त होते ही बहुमूल्य वस्तु भी मूल्यवान नही रह जाती।
अप्राप्त वस्तुओ,व्यक्तियो को प्राप्त करने की आशा भी मनुष्य को अनेक प्रकार से उत्साहित रखती है।
जो व्यक्ति जल्दी सफल हो जाते है। उनकी सफलता का अधिक मूल्य नही और उनकी आशा शक्ति समाप्त हो जाती है। असफल व्यक्ति फिर भी प्रयासरत रहता है।
इसलिए असफलताओ से घबराना नही चाहिए वरन् अपने मे और सुधार लाकर दुबारा प्रयत्न करते रहना चाहिए। ॐ
अगला रूहानी पाठ-4
http://sundervichar-lesson4.blogspot.com/

0 Comments:
Post a Comment
<< Home